1 प्रस्तावना- वर्तमान में भारत में नारी शिक्षा का काफी प्रचार हुआ है इससे नारियां डॉक्टर शिक्षा अधिकारी उत्तर में अध्ययन क्षेत्र में कार्यरत हैं राजनीतिक एवं समाजसेवा के क्षेत्र में भी नारियों की पर्याप्त सहभागिता है तथा विविध क्षेत्रों में नारियों को रोजगार में संरक्षण मिल रहा है इतना सब कुछ होने पर भी वर्तमान में नहाया सुरक्षित थे उनका उत्पीड़न शोषण हो रहा है तथा दुराचारी लोगों के मानवीय आचरण से नारियों का जीवन खतरे में पड़ गया है
2 ना री समाज का शोषण उत्पीड़न-- समाज में कुछ असभ्य लोगों नारियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं तथा उनके साथ जोर जबस्ती करते हैं सरेआम नारियों के पर्स छीना गले की चेन झपट ना युक्तियों से छेड़खानी करना गलत नियत से जान पहचान बना कर उनका यौन शोषण करना आदि अनेकों कृत्य अब आम बात हो गई है अब तो ना बोलने वाले का और स्कूल कॉलेज जाने वाली युवतियों का अपहरण कर सामूहिक बलात्कार करना तथा साक्ष्य मिटाने के लिए उन्हें मार डालना या मुंह बंद रखने के लिए डराना धमकाना दुराचार का प्रस्ताव लाकर दी जा रही है आए दिन ऐसी घटनाएं देखने को मिल रही है इस तरह के शोषण से नारी समाज में असुरक्षा की समस्या भयानक रूप में उभर रही है
3. यौनाचार उत्पीड़न की भयानकता-- दिसंबर 2012 में दिल्ली में एक युवती के साथ पांच युवकों ने प्रचार किया उसके साथ पशु के समान आचरण किया है वह यह कि उनकी यथाशक्ति विरोध करती रही मरणासन्न दशा में उसका उपचार भी किया गया परंतु से बचाया नहीं जा सका इस घटना से जनमानस में जबरदस्त आक्रोश व्यक्त किया फल स्वरुप भारत सरकार ने फरवरी 2013 में निर्भया फौजदारी कानून संशोधन के रूप में कार्य नारी यौन शोषण को लेकर कठोर कानून बनाया इस कानून की विभिन्न धाराओं में यौन उत्पीड़न तथा बलात्कार को अपराध घोषित कर कठोर कारावास का प्रावधान किया गया है महिलाओं की सुरक्षा को लेकर काफी प्रावधान किए गए हैं
4. नारी सुरक्षा की महती आवश्यकता-- महिलाओं व युवतियों के साथ यौनाचार के दोषियों को मृत्युदंड दिया जा रहा है फिर भी कुछ हिस्सों में अवैध लावणी लड़कियों के अपहरण बलात्कार और फिर उनकी हत्या के मामले सामने आ रहे हैं ऐसे हमले में भी हो रहे हैं तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से अनेक बदनामियां ब्लैकमेल किया जा रहा है इस कारण सबसे अधिक सुरक्षा बलों को लेकर बढ़ रही है ऐसे दुराचारी लोगों को कठोर से कठोर दंड दिया जाना जरूरी है नारी शिक्षा की आवश्यकता को ध्यान में रखकर सामाजिक दृष्टिकोण में सुधार नितांत अपेक्षित है
5. उप संघार--- प्रशासन स्तर पर बालिकाओं की सुरक्षा तथा महिलाओं के सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है निर्भया फंड से बलात्कार पीड़ित शोषित युवतियों की सहायता की जा रही है वर्तमान में इस जघन्य अपराध से समाज को मुक्त करने तथा कार्यों में असुरक्षा का भय दूर करने की जरूरत है हत्या एवं जनता के सहयोग से यह नारी समाज को को उत्पीड़न से बचाया जा सकता है

