आ जाओ आप सबके लिए कुछ खास खबर लेकर आए हैं यह खबर आपके दिल दहलाने वाली खबर है 11 साल पुरानी चीज को दोबारा से हाईकोर्ट में चालू किया इससे 40 जने को गिरफ्तार किया गया इस हत्याकांड में बताया जाता है कि यह पुलिसकर्मी आंदोलन को सुलझा रहे थे तभी इनको जिंदा जलाकर राख कर दिया गया था इस केस को 49 लोगों को रिहा किया गया है और 40 लोगों को उम्र कैद की सजा साथ ही 50000 का टेंडर जुर्माना भरा गया है इमानदारी पुलिस होने पर जो लोग दो नंबर का काम करते हैं ब्लैक मनी करते हैं उन पर काफी प्रभाव पड़ता है फिर वह अच्छे पुलिस वालों को स्थानांतरण वह ट्रांसफर करा देते हैं जिससे कि वह अपना काम कर सके जैसा कि आप सभी जानते ही होगे कि हेलमेट लगाना जरूरी है यह हमारे जीवन के लिए काफी में हूं है जैसे कि आप सभी ने देखा ही होगा जब कोई यातायात पुलिस पकड़ती है तो हम उसको ₹50 से ₹100 देकर निकल लेते हैं इसमें वह इतना स्लो चैन की सांस ले लेते हैं लेकिन यह करना गलत है भीड़ ने इंस्पेक्टर को जलाया था तब DSP देखते रहे:CI फूल मोहम्मद हत्याकांड में सजा का ऐलान; डीएसपी सहित 30 को उम्र कैद
सवाई माधोपुरएक दिन पहले
फूल मोहम्मद के परिवार में पत्नी व दो बच्चे थे। उनका बेटा आज राजस्थान पुलिस में ही है।
अक्सर कहा जाता है कि उग्र भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता है। इसलिए उपद्रवी वाहनों को फूंक देते हैं, सरकारी संपत्तियों में बेखौफ तोड़फोड़ करते हैं, यहां तक आम आदमी के साथ पुलिसवालों का भी मर्डर करने से उपद्रवी बाज नहीं आते हैं।
उग्र भीड़ का शिकार हुए कई पुलिसवालों के हत्याकांड आज भी सिस्टम और लोगों कानून के प्रति रवैये पर सवाल हैं। इन चर्चित और दिल दहलाने वाले केसों में यूपी के इंस्पेक्टर सुबोध सिंह, डीएसपी जिया उल हक और एसपी मुकुल दि्वेदी के साथ राजस्थान का सीआई फूल मोहम्मद हत्याकांड दर्द हुआ है
आज राजस्थान का फूल हत्याकांड फिर से सुर्खियों में है....
कारण लंबे कोर्ट के ट्रायल के बाद शुक्रवार को एससी-एसटी स्पेशल कोर्ट ने आखिर उन 30 दोषियों को उम्र कैद के लिए सलाखों के पीछे भेज दिया गया है जिन्होंने उसे पुलिसवाले को जिंदा जला दिया जो उनकी सुरक्षा के लिए पहुंचा था। न्यायधीश पल्लवी शर्मा ने हत्याकांड के आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया है। वसूला जाने वाला करीब 40 लाख रुपए जुर्माना फूल मोहम्मद के परिवार को दिया जाएगा।
इन दोषियों में सबसे चौकाने वाला नाम है तत्कालीन डीएसपी महेंद्र सिंह का। दरअसल, जब फूल मोहम्मद को भीड़ ने सरकारी गाड़ी में जलाया उस वक्त महेंद्र वहीं मौजूद थे, लेकिन उन्होंने सीआई को बचाने का प्रयास तक नहीं किया। यह कांड इतना छोटा नहीं था लेकिन बड़े-बड़े नेताओं के कारण इसकी कोई सुनवाई नहीं की गई थी जो 11 साल बाद आज उनकी आत्मा को शांति मिली है अब ऐसे ही व्यवस्था बनी रहे तो नागरिक को अपनाया मिल सकता है और वह अपने प्रॉब्लम को सॉल्व करा सकता है लेकिन हमारे आसुनाते हुए कोर्ट ने महेंद्र सिंह पर 1 लाख 67 हजार का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, एक और आरोपी बनवारी पर 1 लाख 87 हजार रुपए का जुर्माना लगा है। वकील श्रीदास सिंह ने बताया कि इसके अलावा बाकी प्रत्येक दोषी को बतौर जुर्माना 1 लाख 65 हजार रुपए जमा कराने होंगे। जुर्माने की राशि पीड़ित परिवार को मिलेगी। ऐसा बताया जाता है कि यह सवाई माधोपुर के माउंट राउंड थाने के डीएसपी थे जोम जनता और सरकार सब पैसों की तरह चलती हैगांव में 17 मार्च 2011 को लोग बुजुर्ग दाखा देवी के हत्यारों को गिरफ्तार करने और उनके परिजनों को मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे ही राजेश मीणा और रानी मीणा ने पेट्रोल की बोतले लेकर व टंकी पर चढ़ गए वह सुसाइड की धमकी देते रहें जिससे कि जैसे कि गांव वालों ने राजेश मीणा को समझा कर नीचे उतार लिया लेकिन बलराम मीणा ने खुद पर पेट्रोल लगाकर टंकी से नीचे कूद गया जैसे कि प्रशासन से पुलिसकर्मी आए उनको बचाने लगे तो गांव वाले ग्रुप में उन प्रपत्र वारी की ओर जी पर पेट्रोल लगा कर आग लगा दी जॉन की शहीद हो गए और उनकी मौत हो गई भारत सरकार ने इस को बदल दिया गयाकोर्ट ने डीएसपी महेंद्र सिंह, राधेश्याम पुत्र ब्रजमोहन माली, परमानंद पुत्र रामनिवास, बबलू पुत्र रामनारायण, पृथ्वीराज, रामचरण, चिरंजीलाल, शेर सिंह, हरजी, रमेश मीणा पुत्र प्रहलाद, कालू पुत्र कोरिया, बजरंगा खटीक,मुरारी मीणा, चतुर्भुज मीणा, बनवारी पुत्र जगन्नाथ, रामकरण पुत्र हजारी, हंसराज उर्फ हंसा पुत्र रामकुमार, शंकर माली पुत्र कन्हैया, बनवारी लाल मीणा,धर्मेंद्र मीणा पुत्र सुरेश कुमार मीणा, योगेंद्र नाथ, बृजेश हनुमान पुत्र कन्हैया, रामजीलाल माखन सिंह, रामभरोसी मीणा, मोहन माली, मुकेश माली और श्यामलाल को सजा सुनाई है।


