बढ़ती ठंड के बीच राजस्थान का सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर जो डायरेक्ट हमले बोले, उससे आने वाले दिनों में राजस्थान का सियासी ड्रामा निर्णायक मोड़ पर आने के संकेत मिल रहे हैं। सब कुछ इस बात पर निर्भर होगा कि गहलोत के इस बयान को सोनिया गांधी समेत कांग्रेस हाईकमान किस रूप में लेते हैं। भारत छोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ जब राहुल गांधी गुजरात में पहुंचे तो उनको सचिन पायलट व इंदिरा गांधी जीपी भारत जोड़ो यात्रा में उनका साथ दिया और यात्रा की शुरुआत को आगे बढ़ाया जा रहा है लेकिन बताएं बस अपनी-अपनी जीत के लिए ही भाषण देते हैं गरीब लोगों के लिए कुछ नहीं सोचते हैं जब यह वोट मांगने आते हैं तो कहते हैं कि हम 12 सौ का सिलेंडर को 600 में कर देंगे लेकिन वोट दे देने के बाद अजीत जाने के बाद 500 से 14 साल की रेट हो जाता है लेकिन कुछ भी अंतर नहीं होता साथ में दिखावा करते हैं और कुछ भी नहीं है सबको पार्टी चाहिए सब जीतना चाहते हैं औरभारत जोड़ो यात्रा की राजस्थान में आने की तैयारियां चल रही थीं। सरकार और संगठन दोनों जुटे थे, इस बीच आखिर अचानक क्या हो गया? इसे समझने के लिए कई पॉलिटिकल मैसेज को हमने डिकोड किया...
आज भारत जोड़ो यात्रा में सचिन पायलट के शामिल होने के बाद दैनिक भास्कर संवाददाता निखिल शर्मा ने पायलट से एक्सक्लूसिव बात की। हालांकि ये गहलोत का इंटरव्यू आने से पहले की थी। इसमें उन्होंने जो बात कही, वो बहुत सारी चीजों की तरफ इशारा कर रही थीं। इन सब के बीच, राजनीतिक विश्लेषकों को लग रहा है कि राजस्थान को लेकर हाईकमान मूड बना चुका है, लेकिन भारत जोड़ो यात्रा और गुजरात चुनाव का इंतजार किया जा रहा है।
पायलट और राहुल के कुछ संकेतों से पूरी कहानी समझने का प्रयास करते हैं
पायलट के संकेत- पेंडिंग मामले यात्रा के बाद निपट जाएंगे
सचिन पायलट ने भास्कर से बातचीत में कहा कि 'मध्य प्रदेश में यात्रा को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। अब यात्रा राजस्थान आ रही है। 4 दिसंबर के आसपास यात्रा राजस्थान आएगी। यात्रा के रूट में राजस्थान बड़ा राज्य है। ये मेरा दावा है कि राजस्थान में यात्रा को अब तक का सबसे अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा। तमाम मसलों पर बातचीत राहुल और प्रियंका गांधी से हुई है। राजस्थान में जो भी मसले पेंडिंग चल रहे हैं वो यात्रा के तुरंत बाद निपट जाएंगे।'
यात्रा में शामिल होने के बाद उन्होंने ट्विट कियामध्य प्रदेश से भारत जोड़ो यात्रा का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंच पर राहुल गांधी मौजूद हैं। सभा शुरू होने से पहले जैसे ही मंच पर सचिन पायलट का नाम पुकारा जाता है। राहुल गांधी चौंक जाते हैं। पायलट का नाम आते ही राहुल खुशी से यह कहते हुए दिख रहे हैं कि 'सचिन आया है'। इसके बाद राहुल गांधी इशारा कर पायलट को बुलाते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। राहुल का सचिन को इस तरह महत्व दिखाना कई पॉलिटिकल मैसेज की तरफ इशारा करता है। 4 दिन से मिल रहे थे इस बवंडर के संकेत:जानिए- कैसे बदलते गए एक के बाद एक घटनाक्रम, क्यों पायलट पर हमलावर हुए गहलोत?
जयपुर3 घंटे पहले
बढ़ती ठंड के बीच राजस्थान का सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर जो डायरेक्ट हमले बोले, उससे आने वाले दिनों में राजस्थान का सियासी ड्रामा निर्णायक मोड़ पर आने के संकेत मिल रहे हैं। सब कुछ इस बात पर निर्भर होगा कि गहलोत के इस बयान को सोनिया गांधी समेत कांग्रेस हाईकमान किस रूप में लेते हैं।
आज जो कुछ हुआ, उसके संकेत पिछले चार-पांच दिनों से मिल रहे थे। करीब तीन से चार दिन पहले गुजरात में राहुल गांधी के साथ अशोक गहलोत चुनाव प्रचार के लिए गए थे। वहां दोनों के बीच बातचीत भी हुई। फिर खबर आई कि सचिन पायलट और प्रियंका गांधी एक साथ राहुल की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगे। इसके एक दिन बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वह इंटरव्यू दिया, जिसने आज राजस्थान की राजनीति में फिर भूचाल ला दिया।
भारत जोड़ो यात्रा की राजस्थान में आने की तैयारियां चल रही थीं। सरकार और संगठन दोनों जुटे थे, इस बीच आखिर अचानक क्या हो गया? इसे समझने के लिए कई पॉलिटिकल मैसेज को हमने डिकोड किया...
आज भारत जोड़ो यात्रा में सचिन पायलट के शामिल होने के बाद दैनिक भास्कर संवाददाता निखिल शर्मा ने पायलट से एक्सक्लूसिव बात की। हालांकि ये गहलोत का इंटरव्यू आने से पहले की थी। इसमें उन्होंने जो बात कही, वो बहुत सारी चीजों की तरफ इशारा कर रही थीं। इन सब के बीच, राजनीतिक विश्लेषकों को लग रहा है कि राजस्थान को लेकर हाईकमान मूड बना चुका है, लेकिन भारत जोड़ो यात्रा और गुजरात चुनाव का इंतजार किया जा रहा है।
पायलट और राहुल के कुछ संकेतों से पूरी कहानी समझने का प्रयास करते हैं
पायलट के संकेत- पेंडिंग मामले यात्रा के बाद निपट जाएंगे
सचिन पायलट ने भास्कर से बातचीत में कहा कि 'मध्य प्रदेश में यात्रा को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। अब यात्रा राजस्थान आ रही है। 4 दिसंबर के आसपास यात्रा राजस्थान आएगी। यात्रा के रूट में राजस्थान बड़ा राज्य है। ये मेरा दावा है कि राजस्थान में यात्रा को अब तक का सबसे अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा। तमाम मसलों पर बातचीत राहुल और प्रियंका गांधी से हुई है। राजस्थान में जो भी मसले पेंडिंग चल रहे हैं वो यात्रा के तुरंत बाद निपट जाएंगे।'
यात्रा में शामिल होने के बाद उन्होंने ट्विट किया-
वैसे, सचिन की राहुल और प्रियंका के साथ यह मुलाकात इसलिए खास है, क्योंकि 25 सितंबर को हुई इस्तीफा पॉलिटिक्स के बाद पहली बार सचिन पायलट भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए हैं।
राहुल ने मंच से दिया बड़ा मैसेज
मध्य प्रदेश से भारत जोड़ो यात्रा का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंच पर राहुल गांधी मौजूद हैं। सभा शुरू होने से पहले जैसे ही मंच पर सचिन पायलट का नाम पुकारा जाता है। राहुल गांधी चौंक जाते हैं। पायलट का नाम आते ही राहुल खुशी से यह कहते हुए दिख रहे हैं कि 'सचिन आया है'। इसके बाद राहुल गांधी इशारा कर पायलट को बुलाते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। राहुल का सचिन को इस तरह महत्व दिखाना कई पॉलिटिकल मैसेज की तरफ इशारा करता है।
....और गहलोत की सीधे तौर पर चुनौती
मानेसर बगावत के ढाई साल बाद गहलोत के पहली बार सीधे तौर पर पायलट को 'गद्दार' कहने के सियासी मायने हैं। '10 विधायक नहीं, वो सीएम कैसे बन सकता है', ये कहकर गहलोत ने पायलट गुट को एक तरह से चुनौती दे डाली है। गहलोत पायलट पर पहली बार इतने आक्रामक दिखे हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा का कहना है कि अगर आज भी गहलोत के पक्ष में हाथ खड़े करवाए जाएं तो 102 विधायक उनके साथ खड़े मिलेंगे। ऐसे में साफ है कि बड़े राजनीति ड्रामे ने दस्तक दे दी है।
प्रियंका गांधी के पायलट के साथ आने के क्या मायने हैं?
पायलट की इस मुलाकात को इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि प्रियंका गांधी भी पहली बार राहुल गांधी की यात्रा में शामिल हुई हैं। सचिन पायलट गुट का कहना है कि यह इत्तेफाक नहीं है कि जिस दिन पायलट की मुलाकात राहुल गांधी से हो रही है, उसी दिन प्रियंका भी साथ हैं। विश्वस्त सूत्रों का तो यह भी कहना है कि पिछले दिनों महाराष्ट्र में यात्रा में जाने का पायलट का कार्यक्रम इसी वजह से टला ताकि प्रियंका गांधी की मौजूदगी में पायलट की राहुल गांधी से मुलाकात हो सके।
सचिन के समर्थन में रही हैं प्रियंका
प्रियंका गांधी को सचिन पायलट के समर्थन में माना जाता है। सियासी संकट के समय में भी लगातार प्रियंका ने ही सचिन का समर्थन किया। राहुल और सोनिया गांधी को भी मनाने में प्रियंका का बड़ा रोल माना जाता है। मानेसर में हुई बगावत के दौरान प्रियंका गांधी ने ही सचिन पायलट को मनाया था। वहीं उस पूरे घटनाक्रम को सुलझाने में भी प्रियंका गांधी का ही बड़ा रोल था। ऐसे में प्रियंका के भी सचिन के साथ यात्रा में पहुंचने से चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
क्या पायलट ने राहुल गांधी को पूरा मामला बताया?
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इस्तीफा पॉलिटिक्स के पूरे घटनाक्रम के बाद पायलट पहली बार राहुल गांधी से मिले हैं। ऐसे में उन्होंने पूरे घटनाक्रम की ब्रीफिंग राहुल को की है। इसके अलावा राजस्थान में यात्रा के रूट बदलने को लेकर हुए घटनाक्रम और यात्रा को लेकर मिली चेतावनी के बारे में भी पायलट ने राहुल गांधी को बताया है।
यात्रा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पायलट को यह आश्वासन भी मिला है कि यात्रा के राजस्थान से निकलने के साथ ही कई निर्णय होंगे। इनमें अनुशासनहीनता के दोषी तीनों नेताओं सहित तमाम फैसले शामिल हैं।
प्रियंका गांधी पहली बार भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुई हैं। इससे पहले कई बार यात्रा में पहुंचने का उनका कार्यक्रम बना, मगर वे नहीं पहुंच पाईं।
प्रियंका गांधी पहली बार भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुई हैं। इससे पहले कई बार यात्रा में पहुंचने का उनका कार्यक्रम बना, मगर वे नहीं पहुंच पाईं।
गहलोत का बयान यात्रा से ठीक पहले तूफान की ओर इशारा
भारत जोड़ो यात्रा के राजस्थान आने से पहले अशोक गहलोत का सीधे तौर पर पायलट पर हमलावर होना और उन्हें मानेसर की बगावत से जोड़कर 'गद्दार' कहना एक नया सियासी संकेत माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि गहलोत गुट सचिन पायलट को किसी भी हाल में राजस्थान के सीएम की कुर्सी पर देखना नहीं चाहता। इसके बावजूद उनकी मर्जी के बगैर ऐसा निर्णय लिया जाता है तो यह राजस्थान में कांग्रेस सरकार के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा के रूट को लेकर भी काफी असमंजस था, जो अब दूर हो गया है। यात्रा पूर्व निर्धारित रूट से ही निकलेगी।
राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा के रूट को लेकर भी काफी असमंजस था, जो अब दूर हो गया है। यात्रा पूर्व निर्धारित रूट से ही निकलेगी।
इसलिए यात्रा के बाद हो सकती है उठापटक
जानकारों का कहना है कि यात्रा के राजस्थान से गुजरने के बाद यहां बड़े बदलाव हो सकते हैं। 8 दिसंबर को गुजरात और हिमाचल प्रदेश चुनाव के परिणाम भी आ जाएंगे। वहीं 20 दिसंबर तक यात्रा राजस्थान से निकल जाएगी। ऐसे में उसके ठीक बाद राजस्थान में उन तीन नेताओं पर कार्रवाई हो सकती है, जिन्हें कांग्रेस हाईकमान ने नोटिस दिया था। इसके साथ ही संगठन विस्तार और सीएम की कुर्सी को लेकर अहम निर्णय हो सकते हैं।
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राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के राजस्थान आने से पहले कांग्रेस में एक बार फिर भारी खींचतान शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि पायलट को कैसे सीएम बना सकते हैं। जिस आदमी के पास 10 विधायक नहीं हैं, जिसने बगावत की हो, जिसे गद्दार नाम दिया गया है, उसे लोग कैसे स्वीकार कर सकते हैं। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)


