भाजपा के प्रदेश मंत्री सहित जिले के पदाधिकारियों ने कोरोना एडवाइजरी को रखा ताक में
- क्या जुर्माने और प्रशासनिक सख्ती की प्रक्रिया केवल आम आदमी के लिए ही है
- न मास्क,न सोशल डिस्टेंस और न धारा 144 की पालना
सवाई माधोपुर । भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश मंत्री जितेंद्र गोठवाल सवाई माधोपुर स्थित निवास पर आए जहां की यह तस्वीर आप देख रहे हैं । जिसमें लोग उनके स्वागत के लिए इस तरह उमड़े कि उन्होंने कोरोना महामारी से बचने की एडवाइजरी को ताक में रख दिया ।
इस स्वागत प्रोग्राम में न प्रशासन की परवाह की और न ही लोगों के स्वास्थ्य की । जबकि खुद जितेंद्र गोठवाल पिछले दिनों इस बीमारी से ग्रसित होकर सही हुए हैं । लोगों ने न मास्क लगाए न एक दूसरे से दूरी रखी और तलवार देकर स्वागत किया । भाषण आदि का कार्यक्रम भी हुआ जबकि 144 धारा लगी हुई है ।
क्या यह सब जिला प्रशासन द्वारा रोके जाने के दायरे में नहीं आते या इस तरह की चीजों को लेकर जिला प्रशासन बेपरवाह है ? आप देख रहें है एक तरफ इस तरह की तस्वीर है तो दूसरी तरफ जिला प्रशासन बाजार में 6:00 बजे बाद दुकान बंद मिलने पर जुर्माना रसीद भरते हैं । मोटरसाइकिल और कार में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना ना होने पर जुर्माना लगाते हैं ।
यह दो तरफा व्यवस्था आखिर किस प्रकार कोरोना जैसी महामारी से निजात दिला सकती है ? अगर इस तरह प्रभावशाली लोगों द्वारा नियमों की पालना नहीं करने से कोरोना के संक्रमण का खतरा नहीं है तो फिर आम लोगों द्वारा भी पालना नहीं करने से आखिर संक्रमण क्यों बढ़ सकता ? इस तरह की यह कोई पहली तस्वीर नहीं है इससे पहले भी ऐसे कई तस्वीरें हमने प्रकाशित की है ।
अगर इस प्रकार होता है तो यह निश्चित तौर पर एक आम आदमी के साथ न्याय संगत नहीं लगता । भले ही प्रभावहीन आम आदमी हर चीज को मानता है । वो भी बहुत आसानी से मानता है । इसमें ही आम आदमी देश का हित समझता है । लेकिन इस तरीके से जागरूक और बड़े पदों पर बैठे हुए लोग कानून नियम और प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ा देंगे तो आखिर आम आदमी को कैसे भरोसा रहेगा इन कानून नियम और आदेशों में , ऐसे में एक बार प्रशासन को गंभीरता से विचार कर सबके साथ समान व्यवस्था स्थापित करनी चाहिए ।
- मुकेश भूप्रेमी👍👍👍




