सहकार किसान कल्याण योजना के तहत कृषि उपज के विरूद्ध काश्तकार को रहन ऋण उपलब्ध करवाने के लिए अभियान एक जून से
सवाई माधोपुर, 21 मई। शासन सचिव सहकारिता एवं कृषि के निर्देशों के अनुसार किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने तथा किसान को कम दामों में फसल बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पडे इसके लिए 1 जून से काश्तकारों को उनकी कृषि उपज के विरूद्ध रहन ऋण उपलब्ध करवाने के लिए अभियान का शुभारंभ किया जाएगा।
सवाई माधोपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक के एमडी केदारमल मीना ने बताया कि योजनांतर्गत पात्र पैक्स/लैम्पस अपने कृषक सदस्यों को प्राथमिक आधार पर रहन ऋण उपलब्ध करवाते हुए अन्य कृषक को सदस्य बनाते हुए लाभांवित करेंगे। रहन रखी जाने वाली जिन्सों की गुणवत्ता का निर्धारण व्यवस्थापक द्वारा सावधानी से किया जाएगा एवं गुणवत्ता एवं विभिन्न पहलुओं पर विचार कर स्टॉक/मूल्यांकित राशि का 70 प्रतिशत की सीमा तक ऋण उपलब्ध करवाया जा सकेगा। भंडारण हेतु सीवीसी/आरएसडब्लूसी/कृषि विभाग के गोदाम / केवीएसएस / पैक्स/लैम्पस के गोदामों में माल सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होनें बताया कि प्राथमिकता जीएसएस के गोदामों को दी जावे। रहन रखी गई जिन्स की सुरक्षा, बीमा समिति स्वयं के स्तर से सुनिश्चित करेंगी गोदाम किराए का निर्धारण योजना अनुसार समिति द्वारा किया जाना है। जिसकी अधिकतम सीमा राजस्थान राज्य भंडारण निगम द्वारा निर्धारित किराए की दर तक रखी जावे।
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सवाई माधोपुर, 21 मई। शासन सचिव सहकारिता एवं कृषि के निर्देशों के अनुसार किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने तथा किसान को कम दामों में फसल बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पडे इसके लिए 1 जून से काश्तकारों को उनकी कृषि उपज के विरूद्ध रहन ऋण उपलब्ध करवाने के लिए अभियान का शुभारंभ किया जाएगा।
सवाई माधोपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक के एमडी केदारमल मीना ने बताया कि योजनांतर्गत पात्र पैक्स/लैम्पस अपने कृषक सदस्यों को प्राथमिक आधार पर रहन ऋण उपलब्ध करवाते हुए अन्य कृषक को सदस्य बनाते हुए लाभांवित करेंगे। रहन रखी जाने वाली जिन्सों की गुणवत्ता का निर्धारण व्यवस्थापक द्वारा सावधानी से किया जाएगा एवं गुणवत्ता एवं विभिन्न पहलुओं पर विचार कर स्टॉक/मूल्यांकित राशि का 70 प्रतिशत की सीमा तक ऋण उपलब्ध करवाया जा सकेगा। भंडारण हेतु सीवीसी/आरएसडब्लूसी/कृषि विभाग के गोदाम / केवीएसएस / पैक्स/लैम्पस के गोदामों में माल सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होनें बताया कि प्राथमिकता जीएसएस के गोदामों को दी जावे। रहन रखी गई जिन्स की सुरक्षा, बीमा समिति स्वयं के स्तर से सुनिश्चित करेंगी गोदाम किराए का निर्धारण योजना अनुसार समिति द्वारा किया जाना है। जिसकी अधिकतम सीमा राजस्थान राज्य भंडारण निगम द्वारा निर्धारित किराए की दर तक रखी जावे।
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